रहे सर पर हाथ तेरा तो क्या बाकी है
दुनिया है तो बहुत बड़ी पर मेरा कौन साकी है
चलता हूँ हवा के साथ तो दुनिया नाप लेता हूँ
तेरी कदमबोसी के लिये तो एक एक पग भी भारी है
छूट न जाये कहीं वो जमीन जहां से तू गुजरता है
इसीलिये आहट मूझे लेनी है बहती हवा के हर कतरे की भी
तू अगर चाहे तो मै रहूँ , तू चाहे तो चलूँ
जिंदगी का क्या करना है ये तो तेरी उधारी है
तू है, इसीलिये कहता हूँ, कहने की ताकत भी तो तू ही देता है
दम तूने दिया तभी तक है, वरना हमें तो एक साँस भी भारी है
दुनिया है तो बहुत बड़ी पर मेरा कौन साकी है
चलता हूँ हवा के साथ तो दुनिया नाप लेता हूँ
तेरी कदमबोसी के लिये तो एक एक पग भी भारी है
छूट न जाये कहीं वो जमीन जहां से तू गुजरता है
इसीलिये आहट मूझे लेनी है बहती हवा के हर कतरे की भी
तू अगर चाहे तो मै रहूँ , तू चाहे तो चलूँ
जिंदगी का क्या करना है ये तो तेरी उधारी है
तू है, इसीलिये कहता हूँ, कहने की ताकत भी तो तू ही देता है
दम तूने दिया तभी तक है, वरना हमें तो एक साँस भी भारी है