गुरुवार, २ जुलै, २०१५

Uske Naam

रहे सर पर हाथ तेरा तो क्या बाकी  है
दुनिया है तो बहुत बड़ी पर मेरा कौन साकी  है

चलता हूँ  हवा के साथ तो दुनिया नाप लेता हूँ
तेरी कदमबोसी के लिये तो एक एक पग भी भारी है

छूट न जाये कहीं वो जमीन जहां से तू गुजरता है
इसीलिये आहट मूझे लेनी है बहती हवा के हर कतरे की भी

तू अगर चाहे तो मै   रहूँ , तू चाहे तो चलूँ
जिंदगी का क्या करना है ये तो तेरी उधारी है

तू है, इसीलिये कहता हूँ, कहने की ताकत भी तो तू ही देता है
 दम तूने दिया तभी तक है, वरना हमें तो एक साँस भी भारी है

रविवार, २१ जून, २०१५

tum gino mat mai ginunga


तुम गिनो मत मै गिनूंगा
कदम तुम्हारे मैं गिनूंगा
तुम चलो
बस चलते चलो
मत रुको
बस चलते चलो।
मुङो भी मत
बढ़ते चलो  
सीधे सीधे चलते चलो
कदम तुम्हारे मै गिनूंगा।
लेकर साथ सभीका तुम
बढ़ते चलो
कदम कदम बढ़ाते चलो
तुम गिनो मत
कदम तुम्हारे  मै गिनूंगा।
हर साँस तुम्हारी हलचल करे
न भरे कभी न रुके कभी
भरोसा तुम्हारा है हर मनमे
उम्मीद हमारी है तुममे
तुम चलो चलते चलो
कदम तुम्हारे मै गिनूंगा। 

गुरुवार, १४ मे, २०१५

maitri

मैत्री की कोई सीमा नहीं होती 
वह मुक्त होती है.
दो बिलकुल अलग अलग किस्म के व्यक्ति 
मित्र हो जाते हैं 
क्यों की वह एक दूसरे को सहते हैं.
अनुशासित सुंदरता कुछही समय तक 
आँखों को सुहाती है.
जैसे की सेना की परेड।
हमेशा तो प्रकृति ही सुन्दर दीखती  है
जिसमें है मुक्त पवन, छोटे बड़े पहाड़ ,
फैले हुए मैदान, रेगिस्तान 
घास के तिनकों से लेकर बड़े बड़े वृक्ष 
नाना प्रकार के जीव जंतु और जानवर।
वैसेही मैत्री प्रकृति है 
मानवीय संबंधों का मधुर संगीत है 
जिसमें रिश्तों का बंधन नहीं 
अपेक्षाएं नहीं
एक दूसरे को बुरा भला कहने की 
पूरी स्वतंत्रता है 
एक दूसरे के कंधे पर चढाने का 
पूरा अधिकार है। 
तो मित्र बनो 
रिश्ते मत जोड़ो। 
और सबसे अच्छा मित्र होता है 
उपरवाला 
चढ़ जाओ उसके कंधेपर 
पार लग जाओगे 
बस, कभी हाथ ढीले मत करना 
नहीं तो गिर जाओगे.